24 April, 2014

प्रयास-21


(21)
 
बहारें आती थी कुछ देर के लिये पर
याद ख़िजां में गिरते फूल रहा करते थे
तुझे देखा तो ख़ुदा पे यकीं आ गया
वरना हमें तो सिर्फ इंसान दिखा करते थे
 
ज़िन्दगी ने हमें बहुत कुछ दिया था
पर जीवन की कमियों को गिना करते थे
तूने मुस्कुराहटों में जीना सिखाया
वरना हमें तो सिर्फ आंसू दिखा करते थे
 
ऊपरवाले से, अपने लिये सारी ख़ुदाई चाहते थे
अपने लिये जीते थे, औरों की बात नहीं करते थे
तूने दुनिया से प्यार करना सिखाया
वरना हमें तो सिर्फ हम दिखा करते थे
 
-          दीपक शिरहट्टी, 24/04/2014