22 August, 2015

प्रयास-24

(24)
इतना तो असर होगा मेरी यादों का,
कि कभी तुम, बस, यूं ही, मुस्कुराओगे,
ख़यालों में ही क्यो न हो,
पल भर, बस, यूं ही, क़रीब तो लाओगे।

हवा के झोंके सा, तुम्हे छू जायेगा,
वो पल, जिसे बेसाख़्ता, बस, यूं ही, जी जाओगे।

जब भी अकेले मिलोगे, अपने आप से,
मेरा अक्स, बस, यूं ही, साथ पाओगे।

हंसी खुशी के बेहेतरीन क्षणों में,
मेरा गीत, बस, यूं ही, गुनगुनाओगे।

इतना तो असर होगा मेरी यादों का,
कि कभी तुम, बस, यूं ही, मुस्कुराओगे,
ख़यालों में ही क्यो न हो,
पल भर, बस, यूं ही, क़रीब तो लाओगे।


-          दीपक शिरहट्टी, 22/08/2015