22 April, 2012

प्रयास-13

जिन निगाहों में बसाया है मुझे,
उन निगाहों से मेरा नाम तो लो,
अपने ख़्वाबों में जो चाहा है मुझे,
उन्हीं ख़्वाबों से मुझे मांग तो लो।

मैं जहां था, मैं वहीं हूं
तेरे दिल में हमदम,
मैं जहां था, मैं वहीं हूं
तेरे दिल में हमदम,
अपने दिल को इन्ही बाहों से सनम थाम तो लो,
जिन निगाहों में बसाया है मुझे, उन निगाहों से मेरा नाम तो लो।

मुझको ढूंढोगे तो, मिल जाउंगा मैं
तुम में कहीं,
मुझको ढूंढोगे तो, मिल जाउंगा मैं
तुम में कहीं,
मुझको पाना है यही, मन में ज़रा ठान तो लो,
जिन निगाहों में बसाया है मुझे, उन निगाहों से मेरा नाम तो लो।

एक हो जाएंगे हम, मिल के
इसी दुनिया में,
एक हो जाएंगे हम, मिल के
इसी दुनिया में,
तुम कभी मेरी मुहब्बत का फकत जाम तो लो,
जिन निगाहों में बसाया है मुझे, उन निगाहों से मेरा नाम तो लो,
अपने ख़्वाबों में जो चाहा है मुझे,
उन्हीं ख़्वाबों से मुझे मांग तो लो।

- दीपक शिरहट्टी, 21/04/2012

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